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Ovarian Cyst Rupture होने के लकà¥à¤·à¤£ और कारण
ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾ सà¤à¥€ महिलाओं को उनके जीवनकाल में कà¤à¥€ न कà¤à¥€ जरूर होती है। दरअसल ओवरी के à¤à¥€à¤¤à¤° दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ से à¤à¤°à¥€ थैलीनà¥à¤®à¤¾ संरचनाà¤à¤‚ होती हैं। हर महिने पीरियड के दौरान इस थैली के आकार की à¤à¤• संरचना उà¤à¤°à¤¤à¥€ है, जो फॉलिकल के नाम से जानी जाती है। इन फॉलिकलà¥à¤¸ से à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨ नाम के हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸Â निकलते हैं, जो ओवरी से मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° à¤à¤— की निकासी में सहायक होते हैं। कà¥à¤› मामलों में पीरियड की निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ अवधि खतà¥à¤® हो जाने के बाद à¤à¥€ फॉलिकल का आकार बà¥à¤¤à¤¾ जाता है, जिसे ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ कहा जाता है। सिसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ कई तरह के होते हैं।
फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² सिसà¥à¤Ÿ- यह पीरियडà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण विकसित होता है। यह तब होता है जब फॉलिकलà¥à¤¸ à¤à¤—à¥à¤¸ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं करता है या फॉलिकलà¥à¤¸ à¤à¤—à¥à¤¸ जारी करने के बाद तरल पदारà¥à¤¥ का निरà¥à¤µà¤¹à¤¨ नहीं करता है।
पैथोलॉजिकल सिसà¥à¤Ÿ- यह à¤à¤—à¥à¤¸ बनाने वाली सेलà¥à¤¸ के असामानà¥à¤¯ वृदà¥à¤§à¤¿ के कारण होता है। सेलà¥à¤¸ के बà¥à¤¨à¥‡ से ओवरी को सही तरह बà¥à¤²à¤¡ की सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ नहीं हो पाती है या ओवरी फट सकती है।
पैथोलॉजिकल सिसà¥à¤Ÿ- यह आमतौर पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नहीं है लेकिन कई बार यह घातक हो सकता है। इसके तीन पà¥à¤°à¤•ार हैं-
(1) डरà¥à¤®à¥‹à¤‡à¤¡ सिसà¥à¤Ÿ- इस तरह के सिसà¥à¤Ÿ में आपके हेयर, सà¥à¤•िन और टीथ टिशà¥à¤¯à¥‚ हो सकते हैं और कैंसर का कम खतरा होता है।
(2) सिसà¥à¤Ÿà¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤®à¤¸- इस तरह के सिसà¥à¤Ÿ पानी और मकस से à¤à¤°à¥‡ होते हैं।
(3) à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¸- कई बार गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® कहा जाता है, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर से बढ़ना शà¥à¤°à¥‚ कर देती हैं। कà¥à¤› टिशà¥à¤¯à¥‚ ओवरी से जà¥à¥œà¥‡ रहते हैं या सिसà¥à¤Ÿ के रूप में। इस तरह के सिसà¥à¤Ÿ खून से à¤à¤° जाते हैं।
पॉलीसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सिसà¥à¤Ÿ- इसमें फॉलिकलà¥à¤¸ अंडाशय पर बनने वाले सिसà¥à¤Ÿ को तोड़ने में असफल होते हैं।
ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ रपà¥à¤šà¤° के लकà¥à¤·à¤£
पेट में तेज दरà¥à¤¦- पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ के साथ-साथ सूजन का होना, ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ का पहला गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ है। यदि आप अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¸à¤¾ महसूस करती हैं, तो सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž से जरूर संपरà¥à¤• करें। शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का कहना है कि à¤à¤¸à¤¾ अंडाशय की बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ के à¤à¥€à¤¤à¤° विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संरचनाओं में अंतर की वजह से हो सकता है जिससे राइट ओवरी में हाई पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पड़ता है जिसकी वजह से राइट साइड में सिसà¥à¤Ÿ के फटने का खतरा होता है।
बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग- रपà¥à¤šà¤° सिसà¥à¤Ÿ के पीरियडà¥à¤¸ के दौरान होने के अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। इसलिठइस दौरान बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के लकà¥à¤·à¤£ को इससे जोड़कर देखा जाता है। रपà¥à¤šà¤° ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ से लगातार बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है। इसके अलावा बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग सिसà¥à¤Ÿ और फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² सिसà¥à¤Ÿ सबसे आम हैं। शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का कहना है कि कॉरà¥à¤ªà¤¸ लà¥à¤Ÿà¥‡à¤…ल सिसà¥à¤Ÿ अधिक बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का कारण बनता है।
पेट में दबाव और फैलावट- सिसà¥à¤Ÿ पेट में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जगह घेरता है जिससे आसपास के अंगों पर दबाव बनता है। हालांकि दबाव उस समय कम हो जाता है जब सिसà¥à¤Ÿ फट जाता है। लेकिन तरल पदारà¥à¤¥ के निकलने से पेट में फैलाव होता रहता है जिससे आपका पेट अधिक फूला हà¥à¤† लगता है।
चकà¥à¤•र आना- चकà¥à¤•र आना, मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, और हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार इसके कà¥à¤› अनà¥à¤¯ आम लकà¥à¤·à¤£ हैं।
ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ रपà¥à¤šà¤° के कारण
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² में परिवरà¥à¤¤à¤¨- पीरियडà¥à¤¸ और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² में परिवरà¥à¤¤à¤¨ सिसà¥à¤Ÿ रपà¥à¤šà¤° के आम कारण हैं। फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² सिसà¥à¤Ÿ रपà¥à¤šà¤° हानिरहित है और इसमें मेडिकल की जरूरत नहीं पड़ती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾- गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सिसà¥à¤Ÿ रपà¥à¤šà¤° का खतरा बॠजाता है। इसका खतरा गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद अधिक होता है। यह काफी दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• होता है और इससे आपको काफी नà¥à¤•सान हो सकता है।
à¤à¤‚टी- कोà¤à¤—à¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ थेरेपी- à¤à¤‚टीकोà¤à¤—à¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ लेने वाली और कà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग फैकà¥à¤Ÿà¤° की कमी से पीड़ित महिलाओं को कॉरà¥à¤ªà¤¸ लà¥à¤¯à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤® रपà¥à¤šà¤° का अधिक खतरा रहता है।
सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल इंटरकोरà¥à¤¸- कई बार इंटरकोरà¥à¤¸ के बाद बड़ा सिसà¥à¤Ÿ लीक होने लगता है। यह सिसà¥à¤Ÿ रपà¥à¤šà¤° के सबसे आम कारणों में से à¤à¤• है।
कबà¥à¤œ- कई बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के लिठदबाव बनाने से सिसà¥à¤Ÿ पर à¤à¥€ दबाव बनता है जिससे वो फट सकता है।
अचनक à¤à¤Ÿà¤•ा लगना- कई बार खेलते हà¥à¤ या à¤à¥à¤•ते हà¥à¤ à¤à¥€ à¤à¤Ÿà¤•ा लगने से सिसà¥à¤Ÿ रपà¥à¤šà¤° का खतरा रहता है।
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